शिवराज जी की दिन-ब-दिन बिगड़ती भाषा शैली और गिरता शाब्दिक स्तर चिंतनीय है :
शिवराज जी,
अब वक्त है बदलाव का..!
आप भी बदल जाईये ! पूरे प्रदेश की जनता शुद्ध के लिये युद्ध कर रही...आप भी अपने मन, मष्तिष्क, ज़ुबान, विचार और सोच को शुद्ध कर ही लीजिये।
अपने अतीत की गरिमा मत मिटाइये..!
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